मातम में बदला जश्न
पहली बार आईपीएल का खिताब जीतने वाली रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु का जीत का जश्न मातम में बदल गया। विजेता टीम के स्वागत में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जमा हुए करीब तीन लाख लोगों की भीड़ के...

आरसीबी ने पहली बार जीता आईपीएल टूर्नामेंट का खिताब
पीयूष कुलश्रेष्ठ,
वरिष्ठ पत्रकार
चिन्नास्वामी स्टेडियम की क्षमता 35000 है, जबकि तीन लाख लोगों के पहुंचने से हालात बेकाबू हो गए। भगदड़ में जो गिरा, उठ नहीं सका।भीड़ के चलते एंबुलेंस भी देरी से पहुंची। लोग घायलों को सड़क पर ही संभालते रहे। देश के खेल इतिहास में यह भगदड़ के कारण हुआ दूसरा सबसे बड़ा हादसा है।
बेंगलुरु का 18 साल के लंबे इंतजार के बाद सपना साकार हुआ था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुई खिताबी भिड़ंत में बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को को 6 रन से हराकर पहली बार आईपीएस ट्रॉफी उठाने का गौरव हासिल किया था। फाइनल का आनंद 90000 से ज्यादा दर्शकों ने उठाया, जबकि करोड़ों क्रिकेट प्रेमी टीवी पर इसका आनन्द उठा रहे थे। करियर के उतार पर चल रहे विराट कोहली के लिए यह फाइनल अहम साबित हुआ और उनकी भी फटाफट क्रिकेट के इस संस्करण में ट्रॉफी उठाने की मुराद पूरी हो गई। कोहली उन भाग्यशाली खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्हें वर्ल्ड कप, टी 20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी, अंडर-19 वर्ल्ड कप और आईपीएल की विजेता टीम का सदस्य होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। साथी कोहली उस खास क्लब का हिस्सा भी बन गए, जिसमें उनसे पहले सिर्फ धोनी थे।धोनी ने भी टी 20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और आईपीएल खिताब जीते हैं। कोहली ऐसा करने वाले अब दूसरे भारतीय हैं।कोहली आईपीएल-18 में 657 रन बनाने वाले सीजन के तीसरे सबसे सफल बल्लेबाज रहे। सुदर्शन 759 और सूर्यकुमार 717 रन बना कर कोहली से आगे रहे। फाइनल में भी कोहली की धाक रही और वह 43 रन बनाकर टीम के टॉप स्कोरर रहे। कोहली की पारी की वजह से ही बेंगलुरु टीम खिताब जीतने में सफल रही। पंजाब का यह दूसरा फाइनल था, जबकि बेंगलुरु चौथी बार फाइनल में पहुंचा था। बेंगलुरु ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 190 रन बनाए। कोहली ने 35 गेंद पर सर्वाधिक 43 रन की पारी खेली, जबकि कप्तान रजत पाटीदार 26 रन ही बना सके। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब की शुरुआत लड़खड़ा गई और टीम ने 19 रन पर चार विकेट गवा दिए। मिडिल ऑर्डर के बैट्समैन शशांक सिंह ने 30 गेंद पर नाबाद 61 रन की पारी खेली, लेकिन वह टीम को लक्ष्य तक नहीं पहुंचा सके। विजेता बेंगलुरु को 20 करोड़ और पंजाब को साढे़ बारह करोड रुपए पुरस्कार में मिले।
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छाए रहे साई सुदर्शन
साई सुदर्शन को एमर्जिंग प्लेयर, वैभव सूर्यवंशी को सुपर स्ट्रीकर, निकोलस पूरन को सुपर सक्सेस, साइ सुदर्शन को सर्वाधिक चौके
कमिदु मेडिस को कैच ऑफ द सीजन चुना गया। फेयर प्ले अवार्ड चेन्नई सुपर किंग के हिस्से में आया। ऑरेंज कैप साई सुदर्शन, पर्पल कैप प्रसिद्ध कृष्णा, मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर सूर्यकुमार चुने गए। सर्वश्रेष्ठ ग्राउंड का अवार्ड दिल्ली को मिला।
फीका पड़ गया था रोमांच
सिंदूर ऑपरेशन के कारण आईपीएल का रोमांच थोड़ा फीका पड़ गया था। लोग किक्रेट से ज्यादा भारत-पाक हमले की चर्चा करने लगे थे।उस समय लोगों की पसंद न्यूज चैनल हो गए थे। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में बम की अफवाहों के बीच सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए थे। इसके बाद ही गुलाबी नगर में सफलतापूर्वक क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। सिदूर ओपरशन के कारण टीमों के मैच और ग्राउंड भी सुरक्षित स्थलों पर कराए गए। निर्धारित कार्यक्रम के बाद जयपुर को दो अतिरिक्त मैच भी मिले।






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