हरमन-स्मृति की छत्रछाया में युवा शक्ति ने दिखाया दमखम
इंग्लैंड के खिलाफ 2-1 से जीती गई वनडे सीरीज़ ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया...

इंग्लैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद अब ऑस्ट्रेलिया की चुनौती– भारतीय महिला क्रिकेट का आत्मविश्वास ऊंचा
अजय अस्थाना,
वरिष्ठ पत्रकार
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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जुलाई 2025 में इंग्लैंड को उसकी ही सरजमीं पर 2-1 से हराकर इतिहास रचा। पहले मैच में जीत हासिल करने के बाद टीम दूसरे वनडे में पिछड़ गई थी, लेकिन निर्णायक तीसरे मुकाबले में शानदार वापसी की। भारत ने 318/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया और इंग्लैंड को 13 रन से हराकर सीरीज़ अपने नाम की। इस जीत में कप्तान हरमनप्रीत कौर का शतक (102 रन) और तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी (6/52) निर्णायक रही। क्रांति को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज़’ चुना गया। इंग्लैंड को घरेलू सरजमीं पर हराना हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है, इसलिए यह जीत टीम के आत्मविश्वास को नई दिशा दे गई।
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स्मृति मंधाना का भरोसेमंद प्रदर्शन
टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने सीरीज़ में भरोसेमंद शुरुआत दी। निर्णायक तीसरे वनडे में उनकी 77 रनों की तेजतर्रार पारी ने जीत की नींव रखी। स्मृति की शख्सियत उसके आंकड़े साबित करते हैं। मंधाना ने अपने खेल में निरन्तरता बनाए रखी है। स्मृति दबाव वाली परिस्थितियों में टीम को स्थिरता देने के लिए जानी जाती हैं। उनकी निरंतरता टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत है।
– वनडे करियर : 4,588 रन (औसत 46.3), 11 शतक और 31 अर्धशतक
– इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमेशा अच्छा प्रदर्शन
टीम की प्रेरणा स्रोत है कप्तान हरमनप्रीत कौर
हरमनप्रीत कौर का नेतृत्व इंग्लैंड सीरीज़ में टीम की वापसी का आधार बना। निर्णायक तीसरे वनडे में उन्होंने न सिर्फ शतक लगाया, बल्कि वनडे करियर में 4,000 रन पूरे करने वाली तीसरी भारतीय महिला बल्लेबाज भी बनीं। उनके खेल आंकड़े भी किसी से कमतर नहीं हैं। उनका शांत स्वभाव और रणनीतिक सोच टीम को सही दिशा देता है। युवा खिलाड़ियों के लिए हरमनप्रीत का नेतृत्व प्रेरणा स्रोत है।
– वनडे करियर: 4,049 रन (औसत 37.5), 7 शतक, 19 अर्धशतक
युवा खिलाड़ियों की चमक व दमखम
इंग्लैंड सीरीज़ ने यह साबित कर दिया कि टीम अब केवल वरिष्ठ खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है। उनके युवा खिलाड़ियों ने अब अपनी जगह तय कर ली है। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीम की गहराई और भविष्य की ताकत दिखाता है।
– क्रांति गौड़: निर्णायक मैच में 6 विकेट
– श्रीयंका पाटिल: बीच के ओवरों में लगातार विकेट
– रिचा घोष: फिनिशर के रूप में तेज रन बनाए
– शफाली वर्मा: सीरीज़ में आक्रामक शुरुआत दी
अब नजरें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर
इंग्लैंड सीरीज़ की जीत से मिली ऊर्जा अब टीम को ऑस्ट्रेलिया के आगामी दौरे पर ले जाएगी, जो 2026 में खेला जाएगा। इसमें तीन टी-20, तीन वनडे और एक टेस्ट मैच शामिल होंगे।
– ऑस्ट्रेलियाई पिचें तेज और बाउंस वाली होती हैं, जो बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होंगी।
– झूलन गोस्वामी के संन्यास के बाद तेज गेंदबाजी में क्रांति गौड़ और रेणुका सिंह को जिम्मेदारी उठानी होगी।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड (भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया)
– वनडे: 40 मैच – भारत ने 12 जीते
– टी20: 31 मैच – भारत ने 7 जीते
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि ऑस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराना कठिन होगा।
भविष्य की तैयारी : 2025 विश्व कप
इसी वर्ष होने वाला आईसीसी महिला वनडे विश्व कप टीम इंडिया का सबसे बड़ा लक्ष्य है। इंग्लैंड सीरीज़ ने टीम की क्षमता को साबित कर दिया है, लेकिन निरंतरता की परीक्षा अभी बाकी है। स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर का अनुभव, शफाली वर्मा और रिचा घोष की ऊर्जा तथा क्रांति गौड़ और श्रीयंका पाटिल की गेंदबाजी टीम को खिताब का दावेदार बना सकती है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम अब मानसिक रूप से भी मजबूत हो चुकी है। इंग्लैंड में जीत ने यह साबित किया कि यह टीम दबाव की परिस्थितियों में भी बेहतर खेल सकती है। ऑस्ट्रेलिया का दौरा इस मजबूती की अगली परीक्षा होगा।
इंग्लैंड सीरीज़ की जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए नई शुरुआत है। अब ऑस्ट्रेलिया दौरा और 2025 विश्व कप वह अवसर हैं, जहां यह टीम इतिहास रच सकती है। स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम इंडिया के पास युवा ऊर्जा और अनुभव का ऐसा संयोजन है, जो आने वाले वर्षों में स्वर्ण युग की नींव रख सकता है।






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