भगवती जिनदीक्षा महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन, सात दीक्षार्थी होंगे संयम मार्ग के पथिक
जयपुर। संयम, श्रद्धा और आत्मानुशासन की परम परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है भगवती जिनदीक्षा महोत्सव 2025। यह पावन आयोजन आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज के स्वर्णिम अवतरण वर्ष के उपलक्ष्य में 31...

जयपुर। संयम, श्रद्धा और आत्मानुशासन की परम परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है भगवती जिनदीक्षा महोत्सव 2025। यह पावन आयोजन आचार्य श्री 108 सुंदर सागर जी महाराज के स्वर्णिम अवतरण वर्ष के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक कंवर का बाग, चित्रकूट, सांगानेर, जयपुर में भव्य रूप से आयोजित होगा।
इस चार दिवसीय आध्यात्मिक पर्व का शुभारंभ 31 अक्टूबर की प्रातः श्रीजी के मंगल प्रवेश, कलश यात्रा और आरती प्रवचन से होगा, जिसमें श्रद्धालु भक्ति-सुरों के बीच आराधना में लीन होंगे।एक नवम्बर को आचार्य श्री के प्रेरक प्रवचन, सामूहिक आराधना और संध्या में भक्ति संध्या का आयोजन रहेगा, जिसमें साधर्मिक परिवार अपनी भावनात्मक प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएँगे।
दो नवम्बर को आयोजन का सबसे प्रमुख क्षण आएगा जब भगवती दीक्षा विधि का शुभारंभ आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के सान्निध्य में होगा। इस दिन दीक्षार्थी सांसारिक मोह-माया का त्याग कर संयम मार्ग पर अग्रसर होंगे। तीन नवम्बर को विशेष आरती, मंगल पाठ और संतवृंद के आशीर्वचन के साथ महोत्सव का समापन होगा।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण हैं वे सात दीक्षार्थी, जो आत्मजागरण और संयम के पथ पर चलने जा रहे हैं बा. उमंग जैन (सागवाड़ा, राजस्थान),ब्रा. किरन दीदी (सिऊर),बा. विकास जैन (एटा, उत्तर प्रदेश),श्रीमान पंकज कुमार शाह (सागवाड़ा),ब्रा. मंजू दीदी (मथुरामपुरा),श्रीमती नत्थी देवी जैन (टीकमगढ़, मध्यप्रदेश) औरश्रीमान प्रकाशचंद्र जी जैन (धामचा, बेगूं)। इन सभी दीक्षार्थियों ने जीवन में तप, त्याग और संयम को अपनाकर आत्मकल्याण की दिशा में प्रेरक कदम बढ़ाया है।
आयोजन समिति के अनुसार, यह महोत्सव न केवल आचार्य श्री सुंदर सागर जी महाराज के स्वर्णिम अवतरण वर्ष की स्मृति को अमर करेगा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए संयम और आत्मशक्ति का दीपस्तंभ सिद्ध होगा।जयपुर का आकाश इन चार दिनों में धर्मप्रभा से आलोकित रहेगा । जब त्याग बनेगा उत्सव और संयम बनेगा आराधना का गान।






No Comment! Be the first one.