बैलूनो के बादशाह महेंद्र जोशी ने रचा इतिहास
जोधपुर के महेंद्र जोशी ने 1 मिनट में 10 हॉट एयर बैलून फुलाकर फोड़कर हवा पर अपनी अद्भुत पकड़ का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, जिसे ग्रीनीज बुक में दर्ज कराने का प्रयास किया जा रहा...

जोधपुर,रविवार की दोपहर जैसे हवा ने भी अपनी साँस रोक ली थी। स्टूडियो की लाइटें चमक रही थीं और वहाँ खड़े थे महेंद्र जोशी, वो शख़्स जो मानो फेफड़ों में नहीं, तूफ़ान भरकर लाए हों। Channel 24 Plus News और राजस्थान टुडे के लाइव शो में जैसे ही स्टॉपवॉच की सुई ने पहला सेकंड काटा, जोशी ने हवा से दोस्ती नहीं सीधी कुश्ती शुरू कर दी।
सिर्फ एक मिनट… मगर उन 60 सेकंडों ने जो दृश्य रचा, वो किसी जादूगर के मंच जैसा था। हवा में एक-एक कर उठते हुए गुब्बारे ऐसे लग रहे थे, जैसे कोई बादल अपने बच्चे आकाश में भेज रहा हो और ठीक अगले पल जोशी उन्हें फ़ोड़कर बता रहे थे कि बादलों पर राज भी हवा के योद्धा करते हैं।
लोगों की नज़रें स्क्रीन पर टिक गईं।कैमरा जैसे जड़ हो गया। और हवा…? वह तो मानो जोशी की मुट्ठी में कैद हो गई। 10 हॉट एयर बैलून। 1 मिनट। रिकॉर्ड को ऐसे कायम किया जैसे कोई सिंह कागज़ की जाली फाड़ता है। इस पूरे रोमांचक कारनामे पर नज़र रख रहे थे राजस्थान स्पोर्ट्स एंड वेलफेयर सोसाइटी के सचिव अजीत सिंह, जिनके निरीक्षण में यह पूरा प्रदर्शन हुआ।
शो में मौजूद उनके पौत्र राम का चेहरा दादाजी की जीत से चमक रहा था। मुस्कुराते हुए उसने कहा, “दादा के साथ ऐसे चैलेंज का पंगा मत लेना… हवा का रास्ता बदल सकता है, पर दादा का नहीं!” जोशी का दावा सुनने लायक था। ये परफॉर्मेंस ग्रीनीज बुक के रिकॉर्ड में दर्ज करने का प्रयास है। उनकी आवाज़ में सिर्फ आत्मविश्वास नहीं, हवा पर विजय का राग सुनाई दे रहा था।
Channel 24 Plus News और राजस्थान टुडे की ओर से अजय अस्थाना, दिनेश रामावत और राकेश गांधी ने उन्हें स्मृति-चिह्न और प्रमाणपत्र भेंट किया। वो क्षण ऐसा लगा मानो किसी हवा के महारथी को उसके युद्ध के बाद सम्मानित किया जा रहा हो। और स्टूडियो में हर किसी के मन में बस एक ही भावना उठी हवा उड़ाने वाले बहुत देखे, हवा से खेलकर इतिहास लिखने वाला पहली बार देखा।
यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं…यह उस इंसान की कहानी है जिसकी साँसों में तूफ़ान बसता है, और जिसकी पकड़ से हवा भी बच नहीं पाती।






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