स्नीकर कल्चर का नया खेल
स्नीकर्स अब केवल पहनने की वस्तु नहीं रहे। लिमिटेड एडिशन और रीसेलिंग ने उन्हें निवेश का नया माध्यम बना दिया है। यह आलेख स्नीकर कल्चर के उभार, बाजार और मुनाफे की संभावनाओं को समझाता...

फैशन से निवेश तक जूतों की बदलती पहचान
राखी सोनी,
पत्रकार व लेखिका
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आज स्नीकर्स सिर्फ पैरों में पहनने का सामान नहीं, बल्कि पहचान, जुनून और कमाई का जरिया बन चुके हैं। यही कारण है कि स्नीकर हेड्स की दुनिया अब फैशन से निकलकर निवेश के नए युग में कदम रख चुकी है।
बदलते दौर के साथ फैशन और निवेश की परिभाषाएं भी लगातार बदल रही हैं। जो चीजें कभी केवल रोजमर्रा की जरूरत मानी जाती थीं, वे आज स्टेटस, पहचान और कमाई का जरिया बन चुकी हैं। स्नीकर जूते इसका सबसे सटीक उदाहरण हैं। एक समय था, जब स्नीकर्स को सिर्फ आरामदायक फुटवियर के रूप में देखा जाता था, खासकर खेल या कैज़ुअल पहनावे तक ही उनकी सीमित पहचान थी। लेकिन समय के साथ स्नीकर्स ने फैशन की दुनिया में एक अलग मुकाम हासिल कर लिया है। आज स्नीकर्स सिर्फ जूते नहीं, बल्कि एक ग्लोबल कल्चर का हिस्सा बन चुके हैं। लिमिटेड एडिशन डिजाइन, इंटरनेशनल ब्रांड्स और सेलिब्रिटी कोलैबोरेशन ने इन्हें स्टेटस सिंबल बना दिया है। यही वजह है कि अब लोग स्नीकर्स को केवल पहनने के लिए नहीं, बल्कि समझदारी भरे इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के रूप में भी देखने लगे हैं। जिस तरह लोग शेयर मार्केट, सोना और रियल एस्टेट में निवेश कर भविष्य सुरक्षित करते हैं, उसी तरह आज दुनिया भर में लिमिटेड एडिशन स्नीकर्स को भी भविष्य की संपत्ति माना जा रहा है। इस तेजी से बढ़ते और बदलते ट्रेंड को ही ‘स्नीकर कल्चर’ कहा जाता है, जिसने फैशन को निवेश से जोड़कर एक नई सोच और नया बाजार खड़ा कर दिया है।
शौक से करोड़ों तक का सफर
इस कल्चर से जुड़े लोगों को स्नीकर हेड्स कहा जाता है। ये वे लोग होते हैं जो स्नीकर्स को सिर्फ पहनने के लिए नहीं, बल्कि कलेक्ट करने, संभालकर रखने और सही समय पर मुनाफे के साथ बेचने के उद्देश्य से खरीदते हैं। स्नीकर हेड्स के लिए हर स्नीकर्स सिर्फ एक जूता नहीं, बल्कि एक कहानी और निवेश होता है। किसी स्नीकर्स का डिजाइन किसने किया, वह किस सेलिब्रिटी से जुड़ा है, कितनी लिमिटेड संख्या में लॉन्च हुआ, ये सारी बातें उसकी कीमत तय करती हैं। आज दुनिया में ऐसे स्नीकर हेड्स हैं, जिनके पास हजारों स्नीकर्स का कलेक्शन है, जिसकी कुल कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपए तक पहुंच चुकी है। कई लोग तो स्नीकर्स के दम पर खुद को एक अलग आर्थिक वर्ग में स्थापित कर चुके हैं।
स्नीकर कल्चर की शुरुआत
स्नीकर कल्चर की शुरुआत 1980 के दशक में अमेरिका से मानी जाती है। जब नाइकी एयर जॉर्डन सीरीज लॉन्च हुई और बास्केटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी माइकल जॉर्डन इससे जुड़े, तब पहली बार स्नीकर्स खेल के मैदान से निकलकर फैशन और लाइफस्टाइल का हिस्सा बने। इसके बाद हिप-हॉप म्यूजिक, रैप कल्चर और स्ट्रीट फैशन ने स्नीकर्स को युवाओं की पहचान बना दिया। धीरे-धीरे एडिडास, प्यूमा, रीबॉक, कनवर्स और न्यू बैलेंस जैसे ब्रांड्स ने लिमिटेड एडिशन और स्पेशल कोलैबोरेशन के जरिए इस कल्चर को और ऊंचाई दी।
रीसेलिंग: एक नई इंडस्ट्री का उदय
आज स्नीकर रीसेलिंग केवल शौक नहीं, बल्कि एक बहु-अरब डॉलर उद्योग बन चुकी है। लोग बड़े ब्रांड्स के सीमित संस्करण (लिमिटेड ड्रॉप्स) के दौरान स्नीकर्स खरीदते हैं और फिर कुछ महीनों या वर्षों बाद उन्हें कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचते हैं। इस बाज़ार में स्टॉकएक्स और गोएट जैसे अंतरराष्ट्रीय प्लेटफ़ॉर्म अत्यंत लोकप्रिय हैं। भारत में भी क्रेपडॉगक्रू और वेगनॉनवेग जैसे प्लेटफ़ॉर्म्स ने स्नीकर रीसेलिंग को नया मुकाम दिया है। ये प्लेटफॉर्म ऑथेंटिसिटी चेक, बाजार मूल्य और रुझान (ट्रेंड) विश्लेषण में मदद करते हैं।
भारत में तेजी से बढ़ता कल्चर
भारत में सोशल मीडिया, इंटरनेशनल फैशन ट्रेंड और सेलिब्रिटी प्रभाव के चलते स्नीकर कल्चर तेजी से फैल रहा है। मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, गुरुग्राम और हैदराबाद जैसे शहरों में युवा स्नीकर्स को सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि इन्वेस्टमेंट एसेट के रूप में देखने लगे हैं। आज कई युवा लिमिटेड एडिशन स्नीकर्स खरीदकर उन्हें सुरक्षित रखते हैं और सही समय पर ऊंची कीमत पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। यह ट्रेंड आने वाले वर्षों में और तेज होने की उम्मीद है।
ये सेलिब्रिटीज भी पीछे नहीं
भारत में स्नीकर कल्चर को लोकप्रिय बनाने में कई सेलेब्रिटीज की अहम भूमिका रही है। रणवीर सिंह को बॉलीवुड का सबसे बड़ा स्नीकर प्रेमी माना जाता है। उनके पास नाइकी एयर जॉर्डन, यीजी और गूची जैसे ब्रांड्स के लिमिटेड एडिशन स्नीकर्स हैं। क्रिकेटर हार्दिक पांड्या, केएल राहुल और विराट कोहली भी प्रीमियम स्नीकर्स के लिए जाने जाते हैं। रैपर बादशाह का स्नीकर कलेक्शन भी लाखों में है। इसके अलावा अर्जुन कपूर और कार्तिक आर्यन जैसे युवा कलाकारों ने स्नीकर्स को स्टाइल और स्टेटस का प्रतीक बना दिया है।
इसलिए बने निवेश का मजबूत विकल्प
स्नीकर्स को निवेश के रूप में लोकप्रिय बनाने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है लिमिटेड एडिशन। जब कोई स्नीकर्स सीमित संख्या में लॉन्च होता है और बाद में उपलब्ध नहीं रहता, तो उसकी कीमत तेजी से बढ़ती है। डिमांड और सप्लाई का नियम यहां भी लागू होता है। ज्यादा मांग और कम उपलब्धता कीमत को आसमान तक पहुंचा देती है। इसके अलावा सेलिब्रिटी और ब्रांड कोलैबोरेशन भी अहम भूमिका निभाते हैं। कान्ये वेस्ट (Yeezy), ट्रैविस स्कॉट और वर्जिल अब्लोह (Off-White) से जुड़े स्नीकर्स लॉन्च के कुछ ही समय बाद कई गुना महंगे हो जाते हैं।
सबसे ज्यादा वैल्यू देने वाले
निवेश के लिहाज से कुछ स्नीकर ब्रांड्स और मॉडल्स हमेशा चर्चा में रहते हैं। नाइकी एयर जॉर्डन सीरीज को सबसे भरोसेमंद निवेश माना जाता है। एडिडास यीजी, खासकर कान्ये वेस्ट से जुड़े मॉडल्स, बेहद तेजी से महंगे होते हैं। नाइकी x ऑफ-व्हाइट, नाइकी डंक लो (लिमिटेड ड्रॉप्स) और ट्रैविस स्कॉट कोलैबोरेशन भी हाई-रिटर्न देने वाले स्नीकर्स में गिने जाते हैं। इसके अलावा बालेंसीआगा और डियोर जैसे लग्ज़री ब्रांड्स के स्नीकर्स फैशन और निवेश दोनों के लिहाज़ से खास माने जाते हैं।
निवेश के लिए ऐसे करें देखभाल
अगर स्नीकर्स को निवेश के रूप में देखा जाए, तो उनकी सही देखभाल सबसे अहम होती है, क्योंकि यही उनकी भविष्य की कीमत तय करती है। सबसे पहले स्नीकर्स को हमेशा डेडस्टॉक कंडीशन में रखना चाहिए, यानी उन्हें कभी पहनना नहीं चाहिए। ओरिजिनल बॉक्स, टैग, पेपर और एक्सेसरीज़ को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि ये सभी चीजें रीसेल वैल्यू को बढ़ाती हैं। स्नीकर्स की स्टोरेज पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्हें नमी, सीधी धूप और अत्यधिक गर्मी से दूर, ठंडी और सूखी जगह पर रखना बेहतर होता है। कई कलेक्टर्स एयरटाइट बॉक्स या सिलिका जेल का इस्तेमाल करते हैं, ताकि जूतों की क्वालिटी बनी रहे। इसके अलावा आज बाजार में नकली स्नीकर्स की भरमार है, इसलिए खरीदारी हमेशा भरोसेमंद और आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स या ऑथराइज्ड रिटेल स्टोर्स से ही करनी चाहिए। साथ ही समय-समय पर मार्केट ट्रेंड पर नजर रखना जरूरी है, ताकि सही वक्त पर स्नीकर्स बेचकर बेहतर मुनाफा कमाया जा सके।






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