सड़क पर पड़ी कार, पुलिस पहुंची और उड़ गए होश
रात के सन्नाटे में सड़क पर खड़ी एक दुर्घटनाग्रस्त कार ने बड़ा राज़ छुपा रखा था। जब बोरानाडा थाना पुलिस ने वाहन की तलाशी ली, तो चार कट्टों में भरा अवैध डोडा पोस्त और फर्जी नंबर प्लेटों का जाल सामने...

सड़क पर पड़ा एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन… आसपास सन्नाटा… और अंदर छिपा था नशे का खतरनाक खेल।
यह पूरा मामला बोरानाडा थाना पुलिस के सामने तब आया, जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि कटारडा–भांडू गांव के पास एक कार सड़क किनारे खड़ी है, जो संभवतः हादसे का शिकार हुई है।
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सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। दूर से देखने पर यह मामला एक साधारण दुर्घटना जैसा लग रहा था, लेकिन जैसे ही पुलिस जवान कार के पास पहुंचे, कई सवाल खड़े होने लगे।
वाहन लावारिस हालत में था, आसपास कोई घायल या चालक मौजूद नहीं था। संदेह गहराया तो पुलिस ने गाड़ी की तलाशी लेने का फैसला किया।
तलाशी लेते ही उड़ गए होश
जैसे ही कार का डिक्की और अंदरूनी हिस्सा खोला गया, पुलिस चौंक गई।
क्रेटा कार के भीतर चार बड़े कट्टों में भरा अवैध डोडा पोस्त मिला, जिसे बेहद चालाकी से छिपाया गया था। शुरुआती अनुमान में इसकी मात्रा काफी बड़ी बताई जा रही है।
इतना ही नहीं, कार के अंदर से छह अलग-अलग नंबर प्लेट भी बरामद हुईं। जांच करने पर सामने आया कि ये सभी नंबर प्लेट पूरी तरह फर्जी हैं। इससे साफ हो गया कि वाहन का इस्तेमाल नशा तस्करी के लिए किया जा रहा था और पहचान छुपाने के लिए बार-बार नंबर प्लेट बदली जाती थी।
हादसा या साजिश?
पुलिस को शक है कि
या तो वाहन तस्करी के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया,
या फिर पुलिस की आशंका के चलते तस्कर गाड़ी मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
जिस तरह से माल भरा हुआ था और फर्जी नंबर प्लेट रखी गई थीं, उससे यह मामला संगठित तस्करी गिरोह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज
पुलिस ने मौके से डोडा पोस्त जब्त कर लिया है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
साथ ही वाहन के चेसिस नंबर, इंजन नंबर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
जांच के अहम बिंदु
अब पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है—
डोडा पोस्त कहां से लाया गया था?
इसकी डिलीवरी किसे होनी थी?
फर्जी नंबर प्लेट कहां तैयार की गईं?
इस तस्करी नेटवर्क के पीछे कौन-कौन शामिल है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक गाड़ी का मामला नहीं, बल्कि जिले में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।






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