जोधपुर तक फैला ‘शुद्ध घी’ का काला खेल, 700 करोड़ की कर चोरी उजागर
आयकर विभाग की जांच में जोधपुर से जुड़ा घी कारोबार कर चोरी, जमीन निवेश, फर्जी बिलिंग और मिलावट का केंद्र बनकर सामने आया है, जहां शुद्धता के नाम पर काले धन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किया...

जोधपुर तक पहुंची आयकर की बड़ी जांच
आयकर विभाग की जांच शाखा ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान में घी निर्माण से जुड़े पांच बड़े कारोबारी समूहों पर 131 घंटे तक चली व्यापक तलाशी कार्रवाई में करीब 700 करोड़ रुपये की अघोषित आय और लेनदेन का खुलासा किया है। इस कार्रवाई का असर जोधपुर, बीकानेर और दौसा सहित राजस्थान के कई शहरों में साफ तौर पर देखा गया।
Table Of Content
- जोधपुर तक पहुंची आयकर की बड़ी जांच
- 35 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
- जोधपुर-बीकानेर लिंक पर विशेष फोकस
- 5 करोड़ नकद और 18 करोड़ से ज्यादा के गहने बरामद
- फर्जी खरीद-बिक्री और हवाला कनेक्शन के संकेत
- जमीन में भारी निवेश, नकद हिस्से की जांच
- दौसा और सिरसागंज में घी मिलावट का खुलासा
- खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय
- अन्य एजेंसियों के साथ जांच बढ़ेगी
35 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
आगरा स्थित आयकर जांच शाखा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में दिल्ली, आगरा, धौलपुर, कानपुर देहात, अलीगढ़, सिरसागंज के साथ-साथ राजस्थान के दौसा, बीकानेर और जोधपुर के 35 से अधिक ठिकानों को खंगाला गया। पूरे अभियान में 200 से ज्यादा आयकर अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
जोधपुर-बीकानेर लिंक पर विशेष फोकस
सूत्रों के अनुसार, जोधपुर और बीकानेर से जुड़े व्यापारिक लेनदेन, संपत्ति निवेश और नकद प्रवाह पर जांच एजेंसियों की खास नजर रही। यहां से जुड़े दस्तावेजों में रियल एस्टेट निवेश, नकद भुगतान और फर्जी बिलिंग के संकेत मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
5 करोड़ नकद और 18 करोड़ से ज्यादा के गहने बरामद
तलाशी के दौरान करीब 5 करोड़ रुपये नकद मिले, जो खातों में दर्ज नहीं थे। इसके अलावा 18 करोड़ रुपये से अधिक के गहने पाए गए, जिनमें तय सीमा से अधिक मात्रा को जब्त कर लिया गया।
साथ ही 16 बैंक लॉकरों का पता चला है, जिन पर आयकर कानून के तहत रोक लगा दी गई है। इन लॉकरों के खुलने पर और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फर्जी खरीद-बिक्री और हवाला कनेक्शन के संकेत
जांच में सामने आया कि कई मामलों में केवल कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाई गई, जबकि वास्तविक रूप से माल का कोई आवागमन नहीं हुआ। इससे फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट के दुरुपयोग की आशंका है।
इसके अलावा एक पर्ची ऐसी भी मिली है, जिसे हवाला लेनदेन से जोड़ा जा रहा है। कुछ विदेशी निवेश, विशेषकर युगांडा में निवेश, भी सामने आए हैं, जिनकी जानकारी कर विभाग को नहीं दी गई थी।
जमीन में भारी निवेश, नकद हिस्से की जांच
जांच एजेंसियों को 2019 से 2025 के बीच बड़ी संख्या में संपत्ति रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इनमें यह जांच की जा रही है कि कितनी राशि नकद में दी गई। राजस्थान, खासकर जोधपुर-बीकानेर क्षेत्र, में हुए भूमि निवेश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
दौसा और सिरसागंज में घी मिलावट का खुलासा
आयकर जांच के दौरान दौसा और सिरसागंज स्थित घी निर्माण इकाइयों में मिलावट भी पकड़ी गई। दौसा प्लांट से लिए गए नमूने दिल्ली की एफएसएसएआई लैब में जांच में मिलावटी पाए गए।
मिलावट से उत्पादन लागत कम दिखाई जाती थी, लेकिन खातों में खर्च ऐसे दिखाए जाते थे जैसे शुद्ध घी बनाया जा रहा हो, जिससे मुनाफा बढ़ता और कर चोरी होती थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग भी सक्रिय
मिलावट से जुड़ी पूरी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को भेज दी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजस्थान में संबंधित इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत अलग से कार्रवाई हो सकती है।
अन्य एजेंसियों के साथ जांच बढ़ेगी
आयकर विभाग अब इस पूरे मामले में अन्य केंद्रीय एजेंसियों और नियामक संस्थाओं के साथ समन्वय कर जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। अघोषित आय का अंतिम आकलन होने के बाद टैक्स निर्धारण, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई की अवधि: 131 घंटे
▶ जांच एजेंसी: आयकर विभाग, जांच शाखा (आगरा)
▶ शामिल समूह: भोले बाबा, दौजी, पोद्दार, मलानी, बीकानेर समूह
▶ राजस्थान फोकस शहर: जोधपुर, बीकानेर, दौसा
▶ तलाशी स्थल: 35 से अधिक ठिकाने (दिल्ली, यूपी और राजस्थान)
▶ बरामदगी: ₹5 करोड़ नकद, ₹18 करोड़ से अधिक के गहने, 16 बैंक लॉकर (सील)
▶ मुख्य खुलासे: फर्जी खरीद-बिक्री (बिना माल आवाजाही), इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग, हवाला लेनदेन के संकेत, विदेशों में अघोषित निवेश (युगांडा सहित)
▶ संपत्ति निवेश: 2019–2025 के बीच बड़ी संख्या में जमीन रजिस्ट्रेशन, नकद भुगतान की जांच जारी
▶ मिलावट मामला: दौसा व सिरसागंज की इकाइयों में घी मिलावटी, एफएसएसएआई लैब में नमूने फेल
▶ आगे क्या: खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, टैक्स निर्धारण और भारी जुर्माना, अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त जांच






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