अजमेर का डिजिटल अवतार
सूफी परंपरा और तीर्थ संस्कृति से पहचाने जाने वाले अजमेर में बनने वाला आईटी पार्क शहर को रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार की नई दिशा देगा। यह परियोजना युवाओं के भविष्य की उड़ान...

आईटी पार्क के बहाने तकनीक से कदमताल करता ऐतिहासिक शहर
रमेश शर्मा,
वरिष्ठ पत्रकार
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सूफी परंपरा और तीर्थ संस्कृति से पहचाना जाने वाला अजमेर अब केवल अतीत का शहर नहीं रहना चाहता। यह भविष्य की तकनीक से हाथ मिलाते हुए नए दौर में डिजिटल और तकनीकी नवाचार के मानचित्र पर उभरने के लिए तैयार है। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टर मीट के अंतर्गत राज्य सरकार की ओर से किए गए एमओयू के आधार पर अजमेर में प्रदेश का चौथा आईटी पार्क स्थापित किया जा रहा है।
अजमेर में शुरू होने वाला आईटी पार्क न केवल डिजिटल रोजगार के अवसर खोलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए वैश्विक स्तर की क्षमताओं, स्टार्टअप कल्चर और आर्थिक विकास का मार्ग खोलेगा। अगर इसे सुचारू रूप से लागू और पर्यावरण-संगत तरीके से विकसित किया जाए, तो अजमेर एक तकनीकी-औद्योगिक हब के रूप में राजस्थान और भारत के मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
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यह प्रोजेक्ट शुरू होता है तो सॉफ्टवेयर विकास, कॉल सेंटर, बीपीओ, मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन, कंटेंट क्रिएशन और ई-कॉमर्स जैसी आईटी-आधारित सेवाओं के साथ-साथ कंप्यूटर, पेरिफेरल्स, नेटवर्किंग उपकरण, मोबाइल डिवाइस, दूरसंचार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित हार्डवेयर विनिर्माण क्षेत्रों में व्यवसायों में अजमेर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी आईटी डेस्टिनेशन के रूप में उभरने की क्षमता हासिल कर सकता है। विशेष बात यह कि स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल को बढ़ाने के लिए आईटी से संबंधित पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले शैक्षणिक संस्थानों को भी इस पार्क के भीतर संचालित करने की अनुमति होगी। जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के बाद यह राज्य का चौथा प्रमुख आईटी केंद्र होगा।
निवेशकों को लुभाने के लिए स्टांप ड्यूटी में छूट, जीएसटी सब्सिडी, महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसे डवलप करने के लिए निवेशकों, उद्योगपतियों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों आदि से सुझाव भी लिए गए हैं।
क्यों जरूरी है तकनीक से कदमताल?
आईटी पार्क किसी भी शहर की तस्वीर बदलने की क्षमता इसलिए रखते हैं क्योंकि वे:
आकर्षित करते हैं तकनीकी निवेश : बड़े आईटी और डिजिटल कंपनियों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नेटवर्क क्षमताओं और नियोजित प्लॉट उपलब्ध कराते हैं। इससे वे नई शाखाएं खोल सकते हैं।
स्थानीय प्रतिभा को अवसर : इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डिज़ाइन और अन्य डिजिटल कौशल रखने वाले छात्रों को स्थानीय रूप से रोजगार मिलता है और शहर से बाहर पलायन कम होता है।
इकोसिस्टम का निर्माण : छोटे-बड़े स्टार्टअप, को-वर्किंग स्पेस, इनक्यूबेशन सेंटर, बीपीओ, डेटा सेंटर, कॉर्पोरेट सर्विसेज आदि का एक तकनीकी क्लस्टर बनता है। यह आगे के निवेश को भी आकर्षित करता है।
बढ़ाते हैं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार : केवल आईटी सेक्टर में ही नहीं, होटल, रिटेल, रेस्टोरेंट, परिवहन और आवास जैसे सेक्टर भी इससे लाभान्वित होते हैं।
रोजगार के रजत पथ पर किसे क्या?
राजस्थान सरकार और राजस्थान इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (रीको) के प्रयासों से यह पार्क न सिर्फ आईटी सेक्टर को बल्कि अच्छी संख्या में औद्योगिक और डिजिटल रोजगार को जन्म देगा।
आईटी और बीपीओ/आईटी सेक्टर में अवसर : कॉल सेंटर्स, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, तकनीकी सहायता से जुड़े रोजगार शुरू हो पाएंगे।
हार्डवेयर और डेटा सेंटर उद्योग : कंप्यूटर, मोबाइल, नेटवर्किंग इत्यादि के निर्माण और संचालन से जुड़े पद पर नौकरियां मिल सकती हैं।
गैर-तकनीकी पूरक रोजगार : होटल, रेस्टोरेंट, रिटेल, परिवहन, सिक्यूरिटी, सुविधाओं के रख-रखाव आदि में रोज़गार के अवसर खुलेंगे।
स्थानीय युवा स्किल डेवलपमेंट : ग्रेजुएट्स और डिप्लोमा छात्रों के लिए कोर्स, प्रशिक्षण और उपयोगी कौशल बढ़ाने की संभावनाएं बढ़ेगी।
आर्थिक और औद्योगिक विकास का ताना-बाना
आईटी पार्क केवल रोजगार तक सीमित नहीं, बल्कि यह अजमेर को एक औद्योगिक और तकनीकी हब के रूप में परिवर्तित कर सकता है। निवेशकों को छूट, सुविधाएं और डिजिटल नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नए व्यवसायों और स्टार्टअप्स को आईटी पार्क के माध्यम से जैविक रूप से विकसित होने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग, एयरपोर्ट के निकटता और उत्तर-भारत के बाजारों की पहुंच से अजमेर एक लोकेशन सेंट्रिक हब बन सकता है।
बजट के परिप्रेक्ष्य में- क्या मिलेगा?
पिछले केंद्रीय और राज्य बजट देखें तो समझ आता है कि उनमें डिजिटल और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। इसलिए आगामी दोनों बजट (केंद्र और राज्य) में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप समर्थन, कौशल विकास और प्रोत्साहन पैकेज पर और भी फोकस की उम्मीद है।
हाल के केंद्रीय बजट के तहत राजस्थान को औद्योगिक पार्क परियोजनाओं के लिए करोड़ों रुपए आवंटित किए गए। यह रोजगार के हजारों अवसर प्रदान करेंगे, ये उम्मीद है।
राज्य की डेटा सेंटर नीति जैसे प्रोत्साहन, छूट और अनुदान योजनाएं डिजिटल निवेश को मजबूती देती हैं। इससे भविष्य में डेटा-सेंट्रिक कंपनियों को आकर्षित करना आसान होगा।
आधुनिक डेटा सेंटर और तकनीकी वस्तुओं की मांग के बढ़ते परिदृश्य में, राजस्थान को डेटा सेंटर पॉलिसी-2025 जैसे प्रोत्साहन भी मिले हैं, जो राज्य को डेटा सेवा और क्लाउड कम्प्यूटिंग के केंद्र के रूप में विकसित करने का इरादा दर्शाती है।
राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को आईटी और उभरते डिजिटल सेक्टर का बड़ा केंद्र बनाया जाए। इससे लगभग 1.5 लाख से अधिक नौकरियां पैदा की जा सकती हैं। हालांकि यह संख्या पूरा होने के लिए पूरे राज्य में बड़े निवेश और कार्यान्वयन की आवश्यकता है। यह भी एक दीर्घकालिक लक्ष्य है।
ये भी होंगी चुनौतियां
आईटी पार्क बड़े अवसर तो लाया ही है लेकिन इसका सही अर्थो में फायदा मिले, इसके लिए कई चुनौतियां भी होंगी तभी अजमेर के लिए यह आईटी पार्क संभावना से वास्तविकता की ओर कदम बढ़ा पाएगा। स्थानीय युवाओं को वैश्विक तकनीकी मांग के अनुकूल स्किलिंग और ट्रेनिंग पर ध्यान देना जरूरी है। केवल योजनाएं नहीं बल्कि निर्माण और कार्यान्वयन समय पर होना चाहिए।
छोटे व्यवसायों के अलावा बड़े नामी मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े प्लेटफॉर्म भी इस पार्क में निवेश करें, ताकि स्थायी इकोसिस्टम बने।
आईटी पार्क बनकर तैयार भी ही जाए, लेकिन असली प्रश्न यह है कि अजमेर का युवा इस परिवर्तन का भागीदार बनें, केवल दर्शक न रह जाए।
ये होगा स्वरूप
* 27.55 एकड़ अजमेर आईटी पार्क का कुल क्षेत्रफल होगा।
* 45,310 वर्गमीटर भूमि औद्योगिक और वाणिज्यिक उपयोग के लिए उपलब्ध होगी।
* 37 इंडस्ट्रीज स्थापित होंगी। इनके लिए 250 से 3000 वर्गमीटर तक के भूखंड आईटी कारोबारियों के लिए उपलब्ध हैं। भूखण्ड लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन है।
* 2026 में इसे तैयार करने का लक्ष्य है। डिजाइन जयपुर आईटी पार्क से अलग होगा।
* 5000 से अधिक अनुमानित रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
* 23.65 करोड़ रुपए की राशि आईटी पार्क के लिए मंजूर की गई। भूमि का मुआवजा, समतलीकरण, डिमार्केशन, स्ट्रीट लाइट और अन्य विकास पर यह पैसा खर्च किया जा रहा है।
* आईटी कंपनियों के अलावा यहां होटल, पार्किंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इनके लिए अलग अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध होंगे।
लोकेशन
– अजमेर शहर से सटे माकड़वाली गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग से सिर्फ एक किमी दूर होगा पार्क।
– अन्तरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल पुष्कर से मात्र 13 किलोमीटर की दूरी।
– किशनगढ़ एयरपोर्ट से मात्र 20 किलोमीटर दूर।
स्पीकर देवनानी के प्रयास
विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने आईटी पार्क की स्थापना के लिए ताकत लगाई है। उनका कहना है कि अजमेर आईटी पार्क नवाचार और विकास के लिए एक केंद्र के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। यह पार्क आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए एक लॉन्च पैड के रूप में काम करेगा। रीको पार्क के भीतर सड़क, बिजली, ड्रेनेज जैसी बुनियादी जरूरतों के साथ आधारभूत विकास करेगा। देवनानी ने सड़क निर्माण, समतलीकरण, बाउंड्री वॉल, डिमार्केशन, पावर लाइन और बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों की समीक्षा भी की।
भले ही इसकी लोकेशन एयरपोर्ट और हाईवे के करीब है, आईटी पार्क सफलता की इबारत तभी लिख पाएगा जब राज्य सरकार बेहतर ठंग से कंपनियों को अप्रोच करे। युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों सभी के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने के लिए जरूरी है कि यहां बुनियादी ढांचे को बढ़ाया जाए और अनुकूल व्यावसायिक वातावरण बनाया जाए। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में ही इसकी सार्थकता है। आईटी पार्क की सफलता का पैमाना केवल इमारतें नहीं होंगी, बल्कि यह देखा जाएगा कि कितने अजमेरवासी अपने ही शहर में भविष्य देख पाए।






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