स्मृति का ‘विजयी प्रहार’ और दिल्ली का टूटता सपना
जब लक्ष्य पहाड़ जैसा हो और शरीर बुखार से तप रहा हो, तब केवल 'फॉर्म' काम नहीं आती, बल्कि 'जज्बा' जीत दिलाता है। डब्ल्यूपीएल 2026 के फाइनल में स्मृति मंधाना ने ठीक यही किया। 204 रनों के रिकॉर्ड लक्ष्य...

डब्ल्यूपीएल 2026
महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) – 2026 का फाइनल मुकाबला न केवल क्रिकेट के स्तर के लिए, बल्कि खिलाड़ियों के व्यक्तिगत संघर्ष और अटूट मानसिक शक्ति के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। गुरुवार को खेले गए इस खिताबी मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को हराकर अपना तीसरा खिताब अपने नाम किया। यह जीत जितनी रणनीतिक थी, उतनी ही भावनात्मक भी, क्योंकि इसमें एक तरफ स्मृति मंधाना का अपनी फॉर्म और स्वास्थ्य से संघर्ष था, तो दूसरी तरफ जेमिमा रोड्रिक्स की कप्तानी पारी का वह अकेला जुझारूपन, जो अंत में अधूरा रह गया।
मैच का विश्लेषण करें तो दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 203 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। डब्ल्यूपीएल फाइनल के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा लक्ष्य था। इस पहाड़ जैसे स्कोर की नींव कप्तान जेमिमा रोड्रिक्स ने रखी। जेमिमा के लिए यह टूर्नामेंट उतार-चढ़ाव भरा रहा था, लेकिन फाइनल में उन्होंने साबित किया कि बड़े मैचों का दबाव कैसे झेला जाता है। जब टीम के शीर्ष क्रम के धुरंधर पवेलियन लौट रहे थे, तब जेमिमा ने मोर्चा संभाला। उन्होंने 37 गेंदों पर 57 रनों की जो पारी खेली, उसमें केवल चौके-छक्के नहीं थे, बल्कि गिरते विकेटों के बीच टीम को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाने की छटपटाहट और संघर्ष था। दिल्ली के इस स्कोर में मारिज़ान काप की छोटी मगर आक्रामक पारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने अंत में तेजी से रन बटोरकर स्कोर को 200 के पार पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत किसी धमाके से कम नहीं थी। कप्तान स्मृति मंधाना ने क्रिकेट की किताब में ‘फॉर्म में वापसी’ का एक नया अध्याय लिख दिया। फाइनल की सुबह जब खबर आई कि वह तेज बुखार से जूझ रही हैं, तो प्रशंसकों की चिंता बढ़ गई, लेकिन मंधाना ने मैदान पर उतरकर दिल्ली के 204 रनों के लक्ष्य को बौना बना दिया। मंधाना की इस ऐतिहासिक पारी को दूसरे छोर से ऑस्ट्रेलियाई धुरंधर जॉर्जिया वॉल का जबरदस्त साथ मिला। वॉल ने अपनी ताकतवर हिटिंग से दिल्ली के गेंदबाजों को लय हासिल करने का कोई मौका नहीं दिया। स्मृति और वॉल के बीच हुई 165 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह आरसीबी की ओर मोड़ दिया। गेंदबाजी के मोर्चे पर भी विदेशी सितारों ने अपनी चमक बिखेरी। आरसीबी की सोफी डिवाइन ने मध्य ओवरों में कसी हुई गेंदबाजी कर दिल्ली की रन गति पर अंकुश लगाया, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ।
पुरस्कार वितरण समारोह में आरसीबी की सफलता का जश्न अपने चरम पर था। अपनी जुझारू और मैच जिताऊ पारी के लिए स्मृति मंधाना को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। इसके साथ ही, पूरे टूर्नामेंट में अपनी निरंतरता और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के खिताब से भी नवाजा गया। मंधाना इस सीजन में ‘ऑरेंज कैप’ की भी हकदार बनीं, जबकि गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन के लिए आरसीबी की ही स्पिनर के खाते में ‘पर्पल कैप’ आई।
यह मैच ‘मानसिक दृढ़ता’ का था। दिल्ली के पास विशाल स्कोर था, लेकिन स्मृति मंधाना के आक्रामक रुख और विदेशी खिलाड़ियों के सामरिक सहयोग ने दिल्ली के आत्मविश्वास को हिला दिया। अंततः, आरसीबी ने 19.4 ओवरों में इस लक्ष्य को हासिल कर न केवल खिताबी हैट्रिक की ओर कदम बढ़ाया, बल्कि डब्ल्यूपीएल इतिहास का सबसे सफल ‘रन चेज’ भी दर्ज किया। यह फाइनल लंबे समय तक जेमिमा के जुझारू संघर्ष, विदेशी सितारों की चमक और स्मृति मंधाना की अविश्वसनीय इच्छाशक्ति के लिए याद किया जाएगा।






No Comment! Be the first one.