‘वन नेशन,वन इलेक्शन’ पर कब आएगी जेपीसी की रिपोर्ट
लोकसभा ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर बनी संयुक्त संसदीय कमेटी (JPC) का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। कार्यकाल को मानसून सत्र 2025 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। भाजपा सांसद पीपी...

नई दिल्ली। लोकसभा ने वन नेशन-वन इलेक्शन पर बनी संयुक्त संसदीय कमेटी (JPC) का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। कार्यकाल को मानसून सत्र 2025 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने लोकसभा में यह प्रस्ताव पेश किया, जिसे ध्वनिमत से मंजूर कर लिया गया। वन नेशन-वन इलेक्शन के तहत देशभर में 2029 तक एक साथ चुनाव कराने का लक्ष्य है। इस सम्बन्ध में केंद्रीय कैबिनेट से एक संविधान संशोधन विधेयक समेत दो विधेयकों को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन संसद के दोनों सदनों में अभी विधेयक पारित होने बाकी हैं।
चौधरी की अध्यक्षता में गठित 39 सदस्यीय जेपीसी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रावधान वाले ‘संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024′ और उससे जुड़े ‘संघ राज्य क्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक, 2024′ पर विचार कर रही है। ये विधेयक पिछले वर्ष 17 दिसम्बर को लोकसभा में पेश हुए थे।
समिति को बजट सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था, लेकिन समिति की ओर से अध्यक्ष चौधरी ने मंगलवार 25 मार्च को समिति का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव लोकसभा में पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूर कर लिया।
इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में इस अवधारणा का जोरदार समर्थन किया था। बाद में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए गत वर्ष 17 दिसम्बर को लोकसभा में दोनों विधेयक पेश किए थे। बाद में इन्हें संयुक्त संसदीय समिति को सौंप दिया गया।
जेपीसी के अध्यक्ष व पाली के सांसद पीपी चौधरी के अनुसार जेपीसी इस मुद्दे पर लगातर बैठकें कर रही है। समिति की मंगलवार 25 मार्च को भी बैठक हुई। इसमें अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी और दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और दूर संचार विवाद निपटान एवं अपीली न्यायाधिकरण के अध्यक्ष जस्टिस डीएन पटेल ने अपने सुझाव पेश किए। समिति की अगली बैठक 2 अप्रैल को प्रस्तावित है। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस हेंमत गुप्ता अपनी राय देंगे। जेपीसी ने 21वें विधि आयोग के मुखिया जस्टिस बीएस चौहान को भी एक राष्ट्र, एक चुनाव के सम्बन्ध में अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया है।
पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने गत 18 मार्च को हुई समिति की बैठक में जेपीसी सदस्यों के साथ लगभग तीन घंटे विचार विमर्श किया था। इसके बाद विधि आयोग के पूर्व अध्यक्ष अजीत प्रकाश शाह ने भी कई अहम सुझाव दिए। ये बैठक करीब पांच घंटे चली थी।





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