फाग राग पर होली का मस्ती भरा गीत
होली आई रे, हां रे होली आई रे हिलमिल रंग गुलाल लगाओ लोग लुगाई रे होली आई रे

दिनेश शर्मा, बंटी
1.
फाग राग पर होली का मस्ती भरा गीत
होली आई रे, हां रे होली आई रे
हिलमिल रंग गुलाल लगाओ लोग लुगाई रे
होली आई रे
साली जी होली पर आया
जाणे जलेबी मिलगी जी
भर पिचकारी साली जी
की करो तराई रे,
होली आई रे
आज बबीता (पड़ोसन) सामे मिलगी
भर भर रंग लगाओ जी,
अय्यर देखे, थ बण जाओ जेठा भाई रे
होली आई रे
घरवाली को ध्यान राखज्यो
नशा पता म मत रिज्यो
नार पराई का चक्कर म
होवे कुटाई रे
होली आई रे
2.
जब आरती और अज़ान
अ से बनते हैं
जब मंदिर और मस्जिद
म से बनते हैं
जब ईश्वर और इलाही दोनों एक ही है मेरे भाई
तो फिर किस बात का फसाद, किस बात की लड़ाई
जब हिन्दू का ह और मुस्लिम का म मिलकर हम बने तो फिर बेवजह ये सीने क्यों तने
जब म से ही मर्यादा पुरुषोत्तम
और म से ही मोहम्मद साहब होता है
जब अ से अजमेर और अ से ही अयोध्या शुरू होता है
जब क से काबा और क से ही काशी होता है
तो उन्हें मुंह तोड़ जवाब दो
जो हमारे बीच ये नफ़रत के बीज बोता है
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
3.
चुनावी रंग ना जाने यार कैसा हो गया है
सियासी जंग में नेता
विषैला हो गया है
मची है होड़ हर दल में ऐसी बदज़ुबानी की
उन्हें तो फ़क्र है
नहले पे दहला हो गया है
हरा रंग और केसरिया तिरंगे का यूं धो डाला
बचा था श्वेत शांति का अकेला हो गया है
खड़ी कर दी जो तुमने मज़हबी दीवार वोटर में
वतन सतरंगी था वो आज मैला हो गया है






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