शोरगुल में दब गई जनता की चीत्कार
राजस्थान में एक ओर एसएमएस अस्पताल और जैसलमेर बस हादसे में दर्जनों परिवार उजड़ गए, वहीं सिरोही में आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने ढोल-ढमाकों के बीच जन्मदिन मनाया। यह जश्न ऐसे वक्त में हुआ...

मंत्री का बर्थडे सेलेब्रेशन
गणपत सिंह मांडोली,
वरिष्ठ पत्रकार
कहने को ये आपदा प्रबंधन मंत्री है, लेकिन आपदाओं से इन्हें कोई सरोकार नहीं है। फिर चाहे किन्हीं घरों के चिराग बुझ गए हो या पूरा घर ही उजड़ गया हो। हम बात कर रहे हैं राजस्थान के आपदा प्रबंधन एवं पंचायतराज राज्यमंत्री ओटाराम देवासी की। इन्होंने हाल ही में सिरोही में भव्य तरीके से अपना बर्थडे सेलिब्रेट किया। वह भी उन हालात में जब प्रदेश में दो बड़े हादसे हो चुके थे और एक तरह से प्रदेश का बड़ा हिस्सा शोकमग्न था। जब जनता चीत्कार कर रही थी और घरों में कोहराम मचा था तब इन पर फूल बरसाए जा रहे थे। ढोल-ढमाकों के बीच जश्न मनाया जा रहा था। अपने बर्थडे सेलेब्रेशन में संगीत पार्टी भी रखी गई, जिसमें जैसलमेर से ही सटे बाड़मेर जिले के गायक छोटूसिंह को बुलाया गया। जयपुर और जैसलमेर के उन घरों में जहां रोना-धोना मचा था, वहीं यहां नेताजी के जयकारे गूंज रहे थे।
प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में आगजनी की घटना के बाद कई घरों के चिराग बुझ गए। वहीं, जैसलमेर में चलती बस आग की भेंट चढ़ गई। बर्निंग बस हादसे में अब तक 27 जनों की मौत हो चुकी है। राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने अपना जन्मदिन धनतेरस को मनाया, जबकि उस दिन तक ही बर्निंग बस में 22 जनों की जान जा चुकी थी। प्रदेश में हुए इन हादसों के बावजूद राज्यमंत्री को अपना बर्थडे सेलेब्रेट करना था। इसके लिए सिरोही जिला मुख्यालय पर भव्य आयोजन रखा गया। शहर में कई जगहों पर स्वागत हुए और बड़ी मात्रा में फूल बरसाए गए। बर्थडे सेलेब्रेशन कोई नई बात नहीं है, लेकिन त्रासदियों के बीच राज्यमंत्री का ऐसा आयोजन गले नहीं उतरता। वैसे राज्यमंत्री इस तरह को कोई सेलेब्रेशन हर साल करते भी नहीं हैं, फिर लगातार हुए इन हादसों के बावजूद इस बार ही ऐसा क्या था कि इनको शोकमग्न लोगों के बीच ढोल-ढमाके बजाने पड़े। रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराने वाले ओटाराम देवासी का जन्मदिन वैसे 10 अक्टूबर को आता है और इसका सेलेब्रेशन वे अपनी डेनमार्क की विदेश यात्रा के दौरान कर चुके थे। फिर जैसलमेर व जयपुर में हुए हादसों के बावजूद धनतेरस को मनाए गए भव्य जन्मदिन को लेकर इतना दिखावा और तामझाम करने की क्या जरूरत थी? चाहे जो हो, लेकिन प्रदेश की जनता आपदा प्रबंधन मंत्री के इस शानो-शौकत वाले बर्थडे सेलेब्रेशन को लेकर नाराज नजर आई।
यही फर्क है राजनीति और मानवीयता में : शोक के माहौल में संगीत और बधाई संदेशों से भरे इस समारोह ने कई लोगों को आहत किया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन पर अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना रहा कि मारवाड़ की परंपरा में त्रासदी के समय जश्न नहीं मनाया जाता। इस बार राजनीति संवेदनशीलता पर भारी पड़ती दिखी है। इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई। कई लोगों ने अपनी राय व्यक्त करते हुए लिखा। एक यूजर ने कहा, जब मुख्यमंत्री दर्द बयां कर रहे थे, तब सिरोही में जश्न मनाया जा रहा था। उन्होंने आगे कहा यही फर्क है राजनीति और मानवीयता में।






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