विश्व फोटोग्राफी दिवस: रोशनी से लिखी कविताएँ
अविनाश मेहता की तस्वीरें रोशनी से लिखी कविताएँ हैं, जो भारत की आत्मा को कैद करती हैं। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर उनके जुनून और सफर को...

फोटोग्राफी रोशनी से लिखी वह कविता है, जिसमें क्षण अमर हो जाते हैं। जोधपुर के अविनाश मेहता इसी कला के साधक हैं। सत्तर बरस की उम्र में भी उनका कैमरा जवान है और दिल में नया करने का उत्साह।
बॉक्स कैमरे से शुरू हुआ उनका सफर आज लाखों तस्वीरों में साँस लेता है। उनकी हर तस्वीर मानो कहती है । “जहाँ शब्द मौन हो जाते हैं, वहाँ चित्र बोल उठते हैं।”
भारत की विरासत, संस्कृति और जीवन की झलकियों को कैमरे में कैद करने के लिए उनका 500 दिवसीय भारत-भ्रमण, केवल यात्रा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा को देखने का एक प्रयास है। विश्व फोटोग्राफी दिवस पर उनके जुनून को सलाम।
अविनाश मेहता की तस्वीरें रोशनी से लिखी कविताएँ हैं।






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