भाजपा छोड़ते ही एसीबी की कार्रवाई, पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीया के ठिकानों पर छापे
राजस्थान में पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीया के दो पेट्रोल पंप और एक क्रशर प्लांट पर एसीबी ने अनियमितताओं के आरोप में छापेमारी की। यह कार्रवाई भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में लौटने के कुछ दिन...

राजस्थान में सियासी हलचल के बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी छोड़कर विपक्षी कांग्रेस में लौटे पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीया से जुड़े तीन ठिकानों पर एसीबी ने छापेमारी की है।
एसीबी ने बुधवार को बताया कि एजेंसी की बांसवाड़ा इकाई ने अनियमितताओं के आरोपों के तहत मालवीया के दो पेट्रोल पंप और एक क्रशर प्लांट की तलाशी ली। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल इस मामले में कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है। जांच के दौरान टीम ने पेट्रोल पंपों के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की और आगे की जांच के लिए दस्तावेज़ों व अन्य प्रासंगिक जानकारियों को एकत्र किया।
एसीबी का कहना है कि यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के दायरे में की गई है और एकत्र सामग्री का विश्लेषण होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मालवीया ने आरोपों को बताया निराधार
छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए महेंद्रजीत मालवीया ने किसी भी तरह की अनियमितता से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा,
“मैं पूरी तरह निर्दोष हूं। मेरे पेट्रोल पंपों और क्रशर प्लांट में कोई गड़बड़ी नहीं है। इसी कारण मैं तुरंत बांसवाड़ा लौट आया, ताकि किसी को यह न लगे कि मैं भाग रहा हूं। एसीबी अधिकारियों ने मुझसे एक भी सवाल नहीं किया।”
मालवीया ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में लौटने के कारण उन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता स्वर्णिम चतुर्वेदी ने कहा कि यह भाजपा की पुरानी रणनीति है, जिसके तहत एजेंसियों का दुरुपयोग कर विरोधी नेताओं को डराया जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया, “मालवीया ने भाजपा की सच्चाई जनता के सामने रखी, इसलिए एसीबी को उनके पीछे लगाया गया।”
राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि
महेंद्रजीत मालवीया बागीदोरा विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं और वे पूर्व सांसद भी हैं। वे 2021 से 2023 तक पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बागीदोरा सीट बरकरार रखी, लेकिन फरवरी 2024 में विधायक पद से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।
हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ लिया और रविवार को कांग्रेस में वापसी की घोषणा की। उन्होंने कहा था कि सत्तारूढ़ पार्टी में उन्हें “घुटन” महसूस हो रही थी। मालवीया ने बांसवाड़ा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भारत आदिवासी पार्टी के राजकुमार रोत से उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
अब एसीबी की इस कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी घमासान और बढ़ने के संकेत हैं।






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