जोधपुर में BIS की बड़ी कार्रवाई
जोधपुर में BIS ने फर्जी हॉलमार्किंग की शिकायतों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सालासर बालाजी हॉलमार्किंग सेंटर पर छापा मारा। जयपुर से आई टीम जांच में जुटी है, जिससे सर्राफा बाजार में हड़कंप मच...

फर्जी हॉलमार्किंग के शक में हॉलमार्किंग सेंटर पर छापा, सर्राफा बाजार में हड़कंप
जोधपुर के घोड़ों का चौक क्षेत्र में गुरुवार को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की टीम ने फर्जी हॉलमार्किंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जयपुर से पहुंची BIS की विशेष टीम ने जालौर गेट स्थित घांचियों का बास में संचालित सालासर बालाजी हॉल मार्किंग सेंटर पर छापा मारकर जांच शुरू की।
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इस कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के सर्राफा बाजार में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में दुकानदार मौके पर एकत्र हो गए।
सूत्रों के अनुसार BIS को काफी समय से इस क्षेत्र में सोने के आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में यह आशंका जताई गई थी कि कुछ हॉलमार्किंग केंद्र और उनसे जुड़े सर्राफ BIS के मानकों का उल्लंघन करते हुए उपभोक्ताओं को गुमराह कर रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर BIS ने गोपनीय तरीके से जानकारी एकत्र की और गुरुवार को औचक निरीक्षण की कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने हॉलमार्किंग से जुड़े दस्तावेजों, मशीनों और तैयार आभूषणों की जांच की। बताया जा रहा है कि कुछ आभूषणों पर अंकित हॉलमार्क की वैधता को लेकर संदेह जताया गया है। BIS की टीम ने मौके से नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हॉलमार्किंग में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
पुराने मामलों से जुड़ता है मामला
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जोधपुर सहित राजस्थान के अन्य शहरों में फर्जी हॉलमार्किंग के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में BIS ने जयपुर, बीकानेर और उदयपुर में भी इसी तरह की कार्रवाइयाँ की थीं, जिनमें कई हॉलमार्किंग केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे और जुर्माने लगाए गए थे। उपभोक्ताओं से कम शुद्धता वाला सोना ऊँचे दामों पर बेचने की शिकायतें लगातार BIS तक पहुंच रही थीं।
उपभोक्ता हित में कार्रवाई
BIS अधिकारियों का कहना है कि हॉलमार्किंग व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सोने की शुद्धता की गारंटी देना है। फर्जी हॉलमार्क न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे आम लोगों की मेहनत की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। इसी कारण BIS समय-समय पर इस तरह की सघन जांच और छापेमारी करता रहा है।
फिलहाल जोधपुर में चल रही इस कार्रवाई को लेकर BIS की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए, तो संबंधित हॉलमार्किंग सेंटर और जुड़े सर्राफों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई के बाद सर्राफा बाजार में सतर्कता बढ़ गई है और कई दुकानदार अपने दस्तावेज और हॉलमार्किंग प्रक्रिया की जांच-पड़ताल में जुट गए हैं। BIS की इस सख्ती को उपभोक्ता हित में एक अहम कदम माना जा रहा है।





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