कोलंबो में टीम इंडिया का ‘पावर प्ले’, पाकिस्तान पस्त
मैच की पटकथा किसी सस्पेंस फिल्म की तरह शुरू हुई। टॉस के बाद जब भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो सबकी निगाहें युवा सनसनी अभिषेक शर्मा पर टिकी थीं। अभिषेक इस समय भारतीय बल्लेबाजी के सबसे बड़े...

टी-20 वर्ल्ड कप 2026
कोलंबो। क्रिकेट की बिसात पर जब भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो वह महज एक खेल नहीं रह जाता, बल्कि वह कौशल, धैर्य और मानसिक दृढ़ता का सबसे बड़ा इम्तिहान बन जाता है। रविवार को कोलंबो के ऐतिहासिक आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भी कुछ ऐसा ही नजारा था। पिछले कई दिनों से टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के इस मैच को लेकर जो गहमागहमी बनी हुई थी, उसने न केवल दोनों मुल्कों के क्रिकेट प्रेमियों को, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले रखा था। सोशल मीडिया से लेकर गलियों की चर्चाओं तक, हर जगह बस इसी महामुकाबले का जिक्र था। लेकिन जब मैदान पर खेल शुरू हुआ, तो रोमांच की उम्मीदें एकतरफा वर्चस्व में बदल गईं और टीम इंडिया ने पाकिस्तान को हर विभाग में पस्त कर दिया।
Table Of Content
अभिषेक ने किया मायूस, ईशान ने संभाला
मैच की पटकथा किसी सस्पेंस फिल्म की तरह शुरू हुई। टॉस के बाद जब भारतीय टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी, तो सबकी निगाहें युवा सनसनी अभिषेक शर्मा पर टिकी थीं। अभिषेक इस समय भारतीय बल्लेबाजी के सबसे बड़े आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। खेल के शुरुआती पलों में ही जब अभिषेक बिना खाता खोले यानी ‘शून्य’ पर आउट होकर पवेलियन लौटे, तो भारतीय समर्थकों के बीच सन्नाटा पसर गया और पाकिस्तानी खेमे में जश्न का माहौल बन गया। वह क्षण मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट हो सकता था, लेकिन टीम इंडिया ने साबित किया कि उसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। किसी एक खिलाड़ी के विफल होने पर पूरी टीम का न बिखरना ही एक विश्वविजेता टीम की पहचान होती है।
अभिषेक के आउट होने के बाद पारी को संभालने का जिम्मा ईशान किशन ने उठाया। ईशान ने अपनी बल्लेबाजी से न केवल रनों की गति बढ़ाई, बल्कि पाकिस्तानी गेंदबाजों के हौसले भी पस्त कर दिए। उन्होंने मात्र 40 गेंदों का सामना करते हुए 77 रनों की जो आतिशी पारी खेली, उसने भारत को बैकफुट से निकालकर ड्राइविंग सीट पर ला खड़ा किया। ईशान की इस पारी में नजाकत भी थी और आक्रामकता भी। उनका साथ देते हुए हार्दिक पांड्या ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट गंवाकर 175 रनों का एक विशाल स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान जैसी टीम के लिए, जो अक्सर बड़े मैचों के दबाव में बिखर जाती है, यह लक्ष्य पहाड़ जैसा था।
पाकिस्तानी टॉप ऑर्डर तहस-नहस
जब पाकिस्तान की बल्लेबाजी शुरू हुई, तो भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ और धारदार रणनीति से उनके बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। भारतीय गेंदबाजी का नेतृत्व करते हुए जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या ने शुरुआती ओवरों में ही पाकिस्तानी टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। इसके बाद स्पिन की जादुई तिकड़ी, खासकर अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी के जाल में ऐसा उलझाया कि पाकिस्तानी बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते नजर आए। भारत के इन चारों प्रमुख गेंदबाजों बुमराह, पांड्या, अक्षर और वरुण ने 2-2 विकेट चटकाकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। पूरी पाकिस्तानी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और 18 ओवरों में मात्र 114 रनों पर सिमट गई।
हर तरफ जश्न का माहौल
मैच खत्म होते ही स्टेडियम के एक हिस्से में जहां तिरंगा लहरा रहा था और जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी प्रशंसकों के चेहरों पर गहरी मायूसी छाई हुई थी। यह देखना सुखद भी है और गंभीर भी कि कैसे एक खेल पूरे देश के मूड को बदल देता है। हालांकि खेल को हमेशा खेल की भावना से ही लेना चाहिए। मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, लेकिन हार और जीत को गरिमा के साथ स्वीकार करना भी खिलाड़ीपन का हिस्सा है। हार और जीत तो किसी की भी हो सकती थी, क्योंकि दोनों टीमें अपनी पूरी ताकत के साथ उतरी थीं, लेकिन दबाव को बेहतर तरीके से सोखने की कला में आज टीम इंडिया बाजी मार ले गई।
अंततः, कोलंबो का यह मुकाबला इतिहास के पन्नों में भारत की एक और शानदार जीत के रूप में दर्ज हो गया है। पूरे विश्व की निगाहें इस मैच पर इसलिए टिकी रहती हैं क्योंकि यह सरहदों के तनाव से इतर खेल के जुनून की पराकाष्ठा है। टीम इंडिया ने अपनी इस ‘शान’ से जीत के साथ यह स्पष्ट कर दिया है कि वे केवल खिलाड़ियों का समूह नहीं, बल्कि एक संगठित शक्ति हैं।





No Comment! Be the first one.