उद्घाटन हो चुका, फाइलों के फेर में अब भी अटका 27 करोड़ का प्रोजेक्ट
तरुण गहलोत,
लेखक
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जालोर दुर्ग पर सड़क का सपना अभी भी कागजों में ही प्रगति के दौर से गुजर रहा है। हालांकि उद्घाटन जमीन पर हो चुका है। दुर्ग का मामला कई महीनों तक वन विभाग और यूजर एजेंसी सार्वजनिक निर्माण विभाग के बीच में गेंद बना हुआ था। अब वन विभाग का कहना है कि उनकी ओर से कोई पेंडेंसी नहीं है। वहीं यूजर एजेंसी की जिम्मेदारी भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। अब देखना यह है कि कागजों की अंतिम खानापूर्ति में कितना समय लगेगा।
गौरतलब है कि जिले की सबसे महत्वपूर्ण दुर्ग तक रोड के मामले में लगातार ऑब्जेक्शन के कारण देरी होती रही है। हालांकि वन विभाग की ओर से गत 13 मार्च को मांगी रिपोर्ट के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा रिपोर्ट सबमिट करने का कार्य किया जा रहा है। इधर एलाइनमेंट, रोड और उसके सुरक्षा उपायों के दस्तावेज भी पेश किए जा चुके हैं। लेकिन बार-बार रूकावटों के कारण करीब दो साल से अधिक समय से इस प्रोजेक्ट में एक विभाग से दूसरे विभाग में कागजों का आदान-प्रदान ही चल रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग से गेंद निकल कर वन विभाग में अटक गई थी। अब वन विभाग ने तो अपना काम पूरा कर दिया है। पर्यावरण एवं जलवायु परिवहन मंत्रालय की हरी झंडी का इंतजार है।
छह किलोमीटर रोड में 15 यू-टर्न
जालोर दुर्ग सड़क में 15 यू-टर्न होंगे और इस रोड से आमजन वाहन के माध्यम से 7 मिनट में 1200 फीट ऊंचे दुर्ग तक पहुंच सकेंगे। इस रोड पर वाहनों की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा प्रस्तावित है। फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी की ओर से कुछ शर्तों और 34.71 लाख रुपए जमा करवाने की सैद्धांतिक स्वीकृति 24 अक्टूबर 2025 को ही जारी कर दी थी।
झरनेश्वर मंदिर होते हुए बनेगी सड़क
27 करोड़ की लागत से बनने वाली यह सड़क झरनेश्वर महादेव मंदिर पर भंवरी बाई के धुणे के पास से होते हुए किले तक पहुंचेगी। इस सड़क की कुल लंबाई 6.038 किलोमीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई सिंगल लाइन 3.75 मीटर यानी 12.30 फीट निर्धारित की गई है। इस सड़क का अंतिम छोर दुर्ग पर स्थित खेतलाजी मंदिर के पास चिन्हित है।
इनका कहना है
जालोर दुर्ग सड़क को लेकर वन विभाग की ओर से अब कोई पेंडेंसी नहीं है। अभी यूजर एजेंसी पीडब्ल्यूडी की ओर से कुछ और दस्तावेज मांगे गए हैं, जो अभी पेंडिंग बता रहे हैं। – जयदेवसिंह चारण, डीएफओ, जालोर
जालोर जिले वासियों के लिए किले की सड़क एक महत्वपूर्ण परियोजना है। हमने इस सड़क के सपने को काफ़ी सालों पहले देखा था जो अब साकार होता नजर आ रहा है। कागजी प्रक्रिया में समय लग जाता है। जालोर के जन प्रतिनिधि भी पूरा प्रयास कर रहे हैं। पिछले काफी वर्षों से मैं भी इस सड़क के सपने को लेकर सक्रिय हूं। जल्द से जल्द धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। – पुष्पराज बोहरा, फतेह ग्रुप जालोर







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