अचानक बदला मौसम : 30 जिलों में अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के 30 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाएं, मेघगर्जन, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी...

गर्मी से राहत के साथ खेतों और जलस्रोतों के लिए उम्मीद की बूंदें
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विभाग ने राज्य के 30 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाएं, मेघगर्जन, बारिश और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच यह बदलाव आमजन के साथ-साथ किसानों के लिए भी राहत लेकर आया है।
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मौसम विभाग के अनुसार चूरू, नागौर, अजमेर, जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां और झालावाड़ सहित 18 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं बीकानेर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, उदयपुर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित 12 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
गर्मी से राहत
टोंक जिले के पचेवर क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश और ठंडी हवाओं ने कई दिनों से जारी गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत पहुंचाई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।
खरीफ सीजन के लिए अच्छे संकेत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मानसून पूर्व होने वाली ऐसी वर्षा खेतों की तैयारी के लिए लाभकारी साबित होती है। इससे मिट्टी में नमी बढ़ती है और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होता है। किसानों का कहना है कि इस वर्षा से बाजरा, मूंग, ग्वार, तिल और मक्का जैसी फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी। खेतों की जुताई और बुवाई की तैयारियों को भी गति मिलेगी।
जल संकट से जूझते प्रदेश के लिए उम्मीद
राजस्थान जैसे जल संकटग्रस्त राज्य में हर बारिश केवल मौसम का बदलाव नहीं बल्कि भविष्य के जल भंडारण की संभावना भी लेकर आती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उम्मीद है कि तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ेगी। इससे भूजल स्तर को भी कुछ राहत मिल सकती है। पशुपालकों के लिए भी यह बारिश राहतभरी मानी जा रही है क्योंकि इससे चरागाहों में हरियाली बढ़ने और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।
सावधानी भी जरूरी
हालांकि यह बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। तेज हवाओं, बिजली गिरने और संभावित ओलावृष्टि को देखते हुए खुले स्थानों में जाने से बचने तथा किसानों को फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है। राजस्थान में मानसून की दस्तक से पहले हुई यह वर्षा जहां गर्मी से राहत दे रही है, वहीं किसानों और जल संरक्षण की दृष्टि से भी इसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि ऐसी वर्षा का क्रम जारी रहता है तो यह खरीफ सीजन और जल उपलब्धता दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।






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