उत्तरी भारत गैस क्रांति के दौर में, राजस्थान बन रहा अहम केंद्र
जोधपुर। देश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच उत्तरी भारत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का सबसे मजबूत और सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला क्षेत्र बनकर उभर रहा है। इसी बदलते ऊर्जा...

जोधपुर। देश में स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच उत्तरी भारत सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क का सबसे मजबूत और सबसे तेज़ी से विकसित होने वाला क्षेत्र बनकर उभर रहा है। इसी बदलते ऊर्जा परिदृश्य का आकलन करने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस संबंधी संसदीय स्थायी समिति इन दिनों अध्ययन दौरे पर जोधपुर पहुंची, जहां अधिकारियों ने समिति के समक्ष उत्तरी क्षेत्र के गैस नेटवर्क और भविष्य की विस्तार योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों ने स्पष्ट किया कि देश के उत्तरी क्षेत्र में प्राकृतिक गैस अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह तेजी से आम घरों, उद्योगों और परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बन रही है। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को शामिल करने वाले इस क्षेत्र में वर्तमान में करीब 3,300 CNG स्टेशन, 55 लाख से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन, 13 हजार से अधिक वाणिज्यिक तथा 12 हजार औद्योगिक PNG कनेक्शन स्थापित किए जा चुके हैं।
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राजस्थान क्यों है सबसे अहम कड़ी?
प्रस्तुति में राजस्थान को केवल एक उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि उत्तर भारत के गैस नेटवर्क विस्तार की रणनीतिक कड़ी के रूप में रेखांकित किया गया। विशाल औद्योगिक क्षेत्र, तेजी से बढ़ते शहरी केंद्र, राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तृत नेटवर्क और राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़ाव राज्य को भविष्य के निवेश के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और कोटा जैसे शहरों में बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां आने वाले वर्षों में प्राकृतिक गैस की मांग को और तेज़ करेंगी। ऐसे में राजस्थान स्वच्छ ईंधन आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
केवल रसोई गैस नहीं, उद्योग और परिवहन भी फोकस में
बैठक में यह भी बताया गया कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का उद्देश्य केवल घरेलू PNG कनेक्शन बढ़ाना नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन, मालवाहक वाहनों, छोटे-बड़े उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना है। इससे प्रदूषण में कमी के साथ-साथ ऊर्जा लागत में भी कमी आने की संभावना है।

जोधपुर बना ऊर्जा नीति पर चर्चा का केंद्र
अध्ययन दौरे के दौरान समिति ने विभिन्न एजेंसियों से गैस वितरण नेटवर्क की वर्तमान स्थिति, विस्तार योजनाओं, निवेश, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर जानकारी ली। ऐसे अध्ययन दौरे संसदीय समितियों को जमीनी स्थिति समझने और भविष्य की नीतियों के लिए सुझाव तैयार करने में मदद करते हैं।
फैक्ट फाइल | उत्तरी भारत का CGD नेटवर्क
- 🚗 लगभग 3,300 CNG स्टेशन
- 🏠 55 लाख+ घरेलू PNG कनेक्शन
- 🏢 13,000+ वाणिज्यिक PNG कनेक्शन
- 🏭 12,000+ औद्योगिक PNG कनेक्शन
- 📍 शामिल क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख






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