मेहरानगढ़ से लोहागढ़ तक… जोधपुर के चेतन की कहानी कैसे पहुंची देश के सबसे चर्चित मर्डर केस तक?
किराना दुकान संभालने पुणे गया था जोधपुर का युवक, वहीं हुई सिया गोयल से मुलाकात; अब केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी, गांव में सन्नाटा और परिवार को बेटे के बेगुनाह होने का भरोसा पुणे के...

किराना दुकान संभालने पुणे गया था जोधपुर का युवक, वहीं हुई सिया गोयल से मुलाकात; अब केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी, गांव में सन्नाटा और परिवार को बेटे के बेगुनाह होने का भरोसा
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पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस की गूंज अब राजस्थान के जोधपुर तक साफ सुनाई दे रही है। इसकी वजह है इस मामले का मुख्य आरोपी चेतन चौधरी, जिसकी जड़ें जोधपुर जिले से जुड़ी हैं। राष्ट्रीय मीडिया में रोज हो रहे नए खुलासों के बीच मारवाड़ में भी लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर जोधपुर का एक साधारण युवक देश के सबसे चर्चित मर्डर केस तक कैसे पहुंच गया?
परिवार और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चेतन चौधरी का परिवार मूल रूप से जोधपुर जिले का रहने वाला है। कुछ वर्ष पहले उसके पिता रोजगार के लिए पुणे चले गए और वहां किराना व्यवसाय शुरू किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद चेतन भी पिता के साथ पुणे चला गया और दुकान व अन्य कामकाज संभालने लगा। यहीं से उसकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
दुकान पर हुई मुलाकात, फिर बढ़ी नजदीकियां
बताया जा रहा है कि पुणे में ही चेतन की मुलाकात सिया गोयल से हुई। शुरुआत सामान्य परिचय से हुई, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस का दावा है कि दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। हालांकि सिया के परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। उनका मानना था कि आर्थिक और सामाजिक स्तर में बड़ा अंतर है, इसलिए उन्होंने सिया का रिश्ता पुणे के संपन्न रियल एस्टेट कारोबारी परिवार के बेटे केतन अग्रवाल से तय कर दिया।
मेहरानगढ़ भी आया था यह रिश्ता
इस पूरे घटनाक्रम का एक जोधपुर कनेक्शन भी सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सिया गोयल कई बार चेतन से मिलने जोधपुर आई थी। दोनों ने मेहरानगढ़ किले सहित शहर के कई पर्यटन स्थलों पर समय बिताया था। बताया जाता है कि दोनों परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी और उनका संबंध काफी समय तक गुप्त रहा। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां दोनों के पुराने संपर्कों और मुलाकातों की भी पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस का दावा: शादी से पहले रास्ते का कांटा हटाने की साजिश
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार सिया और चेतन ने केतन को अपने रिश्ते की सबसे बड़ी बाधा माना। जांच में दावा किया गया है कि दोनों ने इंटरनेट पर हत्या के तरीके तक खोजे और कई दिनों तक योजना बनाई। पुलिस का आरोप है कि 18 जून को लोहागढ़ किले की ट्रैकिंग के दौरान पहले से तय इशारे पर केतन को गहरी खाई में धक्का दिया गया।
परिवार का दावा: ‘हमारा बेटा फंसाया गया’
उधर जोधपुर में चेतन का परिवार लगातार बेटे का बचाव कर रहा है। परिवार का कहना है कि चेतन निर्दोष है और उसे प्रभावशाली लोगों के दबाव में झूठा फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि घटना के समय चेतन मौके पर मौजूद जरूर था, लेकिन उसने किसी को धक्का नहीं दिया। परिवार अब अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद जता रहा है।
गांव में सन्नाटा, हर जुबान पर एक ही चर्चा
जोधपुर जिले में चेतन के पैतृक गांव में इस घटना के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया है। पड़ोसी और परिचित बताते हैं कि परिवार पहले कभी किसी विवाद में नहीं रहा। गांव में हर दिन लोग इसी मामले की चर्चा कर रहे हैं और राष्ट्रीय मीडिया में आ रही खबरों पर नजर बनाए हुए हैं।
अब डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, डिलीट किए गए चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इस केस की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। वहीं बचाव पक्ष का कहना है कि अभी तक कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और अंतिम सच अदालत में सामने आएगा।
जोधपुर एंगल
मारवाड़ के लिए यह मामला सिर्फ इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि आरोपी का संबंध जोधपुर से है, बल्कि इसलिए भी कि एक साधारण किराना व्यवसायी परिवार का बेटा आज देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में आरोपों के घेरे में है। पुलिस अपनी जांच पर कायम है, जबकि परिवार बेटे की बेगुनाही का दावा कर रहा है।





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