राजस्थान में ऑपरेशन थिएटर से ICU तक बदले जाएंगे नियम
मेडिकल कॉलेजों को सख्त SOP लागू करने के निर्देश जोधपुर। राजस्थान में मरीजों की सुरक्षा को लेकर अब अस्पतालों में ढिलाई की गुंजाइश कम होने वाली है। राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों...

मेडिकल कॉलेजों को सख्त SOP लागू करने के निर्देश
Table Of Content
जोधपुर। राजस्थान में मरीजों की सुरक्षा को लेकर अब अस्पतालों में ढिलाई की गुंजाइश कम होने वाली है। राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों को सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि ऑपरेशन थिएटर, ICU, प्रसूति कक्ष और अन्य क्रिटिकल केयर यूनिट्स में “एयरटाइट एग्जीक्यूशन” यानी बिना किसी चूक के SOP पालन पर जोर दिया गया है। यह फैसला हाल के महीनों में राजस्थान के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सामने आए गंभीर मामलों के बाद लिया गया है। कोटा और बीकानेर में प्रसव के बाद सात महिलाओं की मौत, जबकि जोधपुर में पोस्ट-डिलीवरी और सी-सेक्शन जटिलताओं के कई मामले सामने आने के बाद AIIMS Delhi की जांच में SOP के पालन में खामियां उजागर हुई थीं।
अब अस्पतालों में क्या बदलेगा?
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने अस्पतालों को कई स्तरों पर नई व्यवस्था लागू करने को कहा है।
- संक्रमण नियंत्रण उपायों को और सख्त किया जाएगा।
- ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन की नियमित निगरानी होगी।
- ICU में मरीजों की लगातार मॉनिटरिंग अनिवार्य होगी।
- राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC), ICMR और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रोटोकॉल लागू किए जाएंगे।
- डॉक्टरों, नर्सों और रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित होंगे।
SOP अब दीवारों पर भी दिखेगी
विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी महत्वपूर्ण SOP अस्पतालों के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित की जाएं ताकि स्टाफ उन्हें रोज देख सके और पालन सुनिश्चित हो।
मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, नियंत्रक, अस्पताल अधीक्षक और जिला अस्पतालों के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
OT और ICU में नई सख्ती
सबसे बड़ा बदलाव ऑपरेशन थिएटर और ICU में देखने को मिलेगा। नए निर्देशों के अनुसार:
- डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ OT या ICU के कपड़ों में घर से अस्पताल नहीं आएंगे।
- अस्पताल पहुंचने के बाद ही निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी होगी।
- OT और ICU के बाहर स्क्रब पहनकर घूमने पर रोक रहेगी।
- मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में केवल अस्पताल द्वारा जारी साफ गाउन में ही ले जाया जाएगा।
- OT के बाहर भीड़ न हो, इसके लिए मरीजों के ट्रांसफर का समय तय किया जाएगा।
जोधपुर के मामलों ने भी बढ़ाई चिंता
जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया था, जिसके बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसी तरह अन्य जिलों से भी पोस्ट-ऑपरेटिव संक्रमण और प्रसूति जटिलताओं की शिकायतें मिली थीं। इन घटनाओं के बाद राज्य सरकार ने माना कि SOP केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अस्पतालों में उसका वास्तविक पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
विशेषज्ञ क्या मानते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण नियंत्रण, समय पर मॉनिटरिंग और एक समान क्लिनिकल प्रोटोकॉल लागू होने से मातृ मृत्यु, ऑपरेशन के बाद होने वाले संक्रमण और ICU में जटिलताओं के मामलों में कमी आ सकती है। राजस्थान में यह पहली बार है जब SOP के पालन को लेकर इतने विस्तृत और व्यवहारिक निर्देश जारी किए गए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती इन नियमों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की होगी।





No Comment! Be the first one.